गलत पूजा स्थान देता है भयंकर तनाव, घर में पूजा स्थल कहां और कैसा होना चाहिए, जानें

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द्वारा ABP News

Place of Worship: प्रत्येक पूजा एक आत्मविश्वास के साथ प्रारंभ होनी चाहिए, इसके लिए जरूरी है कि हानिकारक संवेदनाओं से दूर रहा जाए. मन में एकाग्रता के साथ इच्छा शक्ति का सतत विकास होता रहे. यदि पूजा करने में एकाग्रता न हो तो फिर पूजा करने का क्या अर्थ है. वैसे पूजा के दौरान मन सभी का भटकता है लेकिन यदि आपका पूजा करते समय मन के घोड़े पर लगाम लगाना कठिन हो जाता है. मन में द्वंद्व की स्थित हो जाती है. तो इसका कारण आपके घर का पूजा स्थान का ठीक जगह न होना हो सकता है. सही जगह पूजा गृह होने से उपासना में आपका मन लगता है, एकाग्रता बनी रहती है, पूजा करके उपासक शांत चित्त और आत्मविश्वास से भर…

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